मुझे वृंदावन में रखलो मेरे बांके बिहारी भजन

मुझे वृंदावन में रखलो मेरे बांके बिहारी भजन

 
मुझे वृंदावन में रखलो मेरे बांके बिहारी भजन

बड़ा सच्चा तेरा प्यार,
बड़ी पक्की तेरी यारी,
बड़ा सच्चा तेरा प्यार,
बड़ी पक्की तेरी यारी,
मुझे वृंदावन में रख लो,
मेरे बांके बिहारी,
मुझे हो गया तुझसे प्यार,
तोपे जाऊं मैं बलिहारी,
मुझे वृंदावन में रख लो,
मेरे बांके बिहारी,
मेरे बांके बिहारी,
मेरे कुंज बिहारी,
मेरे बांके बिहारी।

प्यार तेरे में प्यारे,
मैंने जग से नाता तोड़ा,
मैं मर जाऊंगी कान्हा,
कभी साथ मेरा जो छोड़ा,
तेरे ब्रज मंडल में आकर,
मैं भूली दुनियादारी,
मुझे वृंदावन में रख लो,
मेरे बांके बिहारी,
मेरे बांके बिहारी,
मेरे कुंज बिहारी,
मेरे बांके बिहारी।

कितने सफर ना जाने,
तुझे पाने को कर डाले,
मेरे दिल की वेदना को तू,
बस जाने मुरली वाले,
अगर तू ना माना तो,
लेगी खबर बरसाने वाली,
मुझे वृंदावन में रख लो,
मेरे बांके बिहारी,
मेरे बांके बिहारी,
मेरे कुंज बिहारी,
मेरे बांके बिहारी।

जहां पग पग भक्ति झूमे,
ऐसा वृंदावन है तेरा,
कण कण यमुना का गाये,
मैं हूं श्याम की श्याम है मेरा,
बृज रज चंदन के जैसी,
माहिर को लगती प्यारी,
मुझे वृंदावन में रख लो,
मेरे बांके बिहारी,
मेरे बांके बिहारी,
मेरे कुंज बिहारी,
मेरे बांके बिहारी।

श्यामा प्यारी,
कुंज बिहारी,
जय जय श्री हरिदास दुलारी,
मेरे बांके बिहारी,
मेरे बांके बिहारी,
मेरे कुंज बिहारी,
मेरे बांके बिहारी।

 

Mere Banke Bihari | Maahir | Ani | Chandan Verma | Feat. Deeksha Sharma | Kripa Record

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Singer - Maahir
Lyrics - Chandan Verma
Music - Ani
Compose - Maahir
Mix nd Master - Ani
Flute: Rameshwar (Ram)
Shehnai - Lokesh Anand
Rhythm - Binta Bhagania & Rahul Bhagania
Guitar - Ameen Singh
 
हृदय की पुकार है जो दुनिया के शोर से थक कर ईश्वर की शांति चाहता है। सांसारिक रिश्ते चाहे कितने भी गहरे हों, उनमें कहीं न कहीं अधूरापन है, जबकि कृष्ण के साथ का रिश्ता पूर्णतः सत्य और अटूट भरोसे पर टिका है। ब्रज में रख लो का अर्थ केवल एक स्थान पर रहने से नहीं, बल्कि अपने अहंकार को प्रभु के चरणों में मिटाकर उनकी कृपा की छाया में विलीन हो जाने से है। कृष्ण भक्ति एक अनोखा अधिकार है, हम जानते हैं कि अगर कन्हैया ने हाथ नहीं पकड़ा तो राधा रानी का करुणा भरा सहारा हमें मिल ही जाएगा। यह भाव हमें सिखाता है कि वृंदावन की मिट्टी में वो शक्ति है जो मन के सारे विकारों को धोकर आत्मा को दिव्य प्रेम के परम आनंद से सराबोर कर देती है। जय जय श्री राधे।
 
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