होन विराने हर पासे कोई थाँँह ना दिसदी भजन
होन विराने हर पासे कोई थाँँह ना दिसदी भजन
होन विराने हर पासे कोई थाँँह ना दिसदी,
सब कूछ मिल जांदा पर माँ ना मिलदी,
होन विराने हर पासे कोई थाँँह ना दिसदी।
माँ दे वाजो इक पल वी ए ओखा लगे,
माँ दे हुंदेया सूली दा बल सोखा लगे,
ओ जय माँ माँ माँ जय माँ माँ माँ,
निकल जावे फ़िर जान कदे फ़िर जान ना मिलदी,
सब कूछ मिल जांदा पर माँ ना मिलदी,
सब कूछ मिल जांदा पर माँ ना मिलदी,
होन विराने हर पासे कोई थाँँह ना दिसदी।
पुत्र रोवे ते माँ रोंदी ए,
पुत्र हँसे ते माँ हँसदी ए,
ओ जय माँ माँ माँ जय माँ माँ माँ,
बिना अंखिया जे कर सच्ची राह है दिसदी,
सब कूछ मिल जांदा पर माँ ना मिलदी,
सब कूछ मिल जांदा पर माँ ना मिलदी,
होन विराने हर पासे कोई थाँँह ना दिसदी।
माँ तू ही आद भवानी है तू ही पीर पिगम्बर,
तेरे दम नाल त्रिलौकि ही तेरे दर दे अंदर,
ओ जय माँ माँ माँ जय माँ माँ माँ,
तेरे रहम दे छा वरगी कोई छा ना मिलदी,
सब कूछ मिल जांदा पर माँ ना मिलदी,
सब कूछ मिल जांदा पर माँ ना मिलदी,
होन विराने हर पासे कोई थाँँह ना दिसदी।
होन विराने हर पासे कोई थाँँह ना दिसदी,
सब कूछ मिल जांदा पर माँ ना मिलदी,
सब कूछ मिल जांदा पर माँ ना मिलदी।
सब कूछ मिल जांदा पर माँ ना मिलदी,
होन विराने हर पासे कोई थाँँह ना दिसदी।
माँ दे वाजो इक पल वी ए ओखा लगे,
माँ दे हुंदेया सूली दा बल सोखा लगे,
ओ जय माँ माँ माँ जय माँ माँ माँ,
निकल जावे फ़िर जान कदे फ़िर जान ना मिलदी,
सब कूछ मिल जांदा पर माँ ना मिलदी,
सब कूछ मिल जांदा पर माँ ना मिलदी,
होन विराने हर पासे कोई थाँँह ना दिसदी।
पुत्र रोवे ते माँ रोंदी ए,
पुत्र हँसे ते माँ हँसदी ए,
ओ जय माँ माँ माँ जय माँ माँ माँ,
बिना अंखिया जे कर सच्ची राह है दिसदी,
सब कूछ मिल जांदा पर माँ ना मिलदी,
सब कूछ मिल जांदा पर माँ ना मिलदी,
होन विराने हर पासे कोई थाँँह ना दिसदी।
माँ तू ही आद भवानी है तू ही पीर पिगम्बर,
तेरे दम नाल त्रिलौकि ही तेरे दर दे अंदर,
ओ जय माँ माँ माँ जय माँ माँ माँ,
तेरे रहम दे छा वरगी कोई छा ना मिलदी,
सब कूछ मिल जांदा पर माँ ना मिलदी,
सब कूछ मिल जांदा पर माँ ना मिलदी,
होन विराने हर पासे कोई थाँँह ना दिसदी।
होन विराने हर पासे कोई थाँँह ना दिसदी,
सब कूछ मिल जांदा पर माँ ना मिलदी,
सब कूछ मिल जांदा पर माँ ना मिलदी।
Hon Virane Har Pase Koi Than Ni Mildi maavaishnodevi jai maa vaishno devi sureshji
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आज 03-01-26 सांयकालीन (शाम) माँ वैष्णों देवी दरबार से भेंट श्री सुरेश जी द्वारा माँ के अनमोल भजन मेरी प्यारी-प्यारी माँ
माँ तो आदि शक्ति है, हर पीड़ा की दवा और हर लोक की रक्षक है। उनकी कृपा की छाया में ही जीवन फूलता है। सभी उनके दर पर सिर झुकाते हैं। बिना आंखों के भी वो रास्ता दिखा देती है, क्योंकि प्रेम की नजर तो कभी अंधी नहीं होती है। हमने देखा है गांवों में, जब बेटा दूर चला जाता है, माँ की दुआएं उसके पीछे-पीछे चलती रहती हैं। हमें सिखाते हैं कि ये ममता अमर है, जो कभी खोती नहीं है।
बस हमें अपने भीतर उतरकर उसे महसूस करना पड़ता है। आखिर माँ की गोद में ही तो सुकून है, जो हर दर्द मिटा देती है। मां के आशीर्वाद से ही दिल को सुकून मिलता है और समस्याओं का हल मिलता है। मां वैष्णो देवी समस्याओं को दूर करती हैं। हमारे जीवन में सभी सुखों की प्राप्ति मां की कृपा से ही होती है। जय माता की।
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