संग ना जाए तेरे महल अटरिया भजन करले प्राणी भजन
संग ना जाए तेरे महल अटरिया भजन करले प्राणी भजन
संग ना जाए तेरे महल अटरिया भजन
भजन करले प्राणी तेरी थोड़ी सी उमरिया,
भजन करले प्राणी तेरी थोड़ी सी उमरिया,
संग ना जाए तेरे महल अटरिया,
संग ना जाए तेरे महल अटरिया।
बालपन हंस खेल गंवायो,
मात पिता ने तो पे लाड लडायो,
बड़े भयो तेरी डारी रे भंवरिया,
संग ना जाए तेरे महल अटरिया,
संग ना जाए तेरे महल अटरिया।
तरुण भयो मगरूरी छाई,
भोग में फंस तैने मुर कमाई,
वृद्ध भयो तब झुकी रे कमरिया,
संग ना जाए तेरे महल अटरिया,
संग ना जाए तेरे महल अटरिया।
राम नाम मुख संचित धरले,
आगे पीछे की सुध कर ले,
अबहु सोच काहे भूला रे डगरिया,
संग ना जाए तेरे महल अटरिया,
संग ना जाए तेरे महल अटरिया।
भजन करले प्राणी तेरी थोड़ी सी उमरिया,
भजन करले प्राणी तेरी थोड़ी सी उमरिया,
संग ना जाए तेरे महल अटरिया,
संग ना जाए तेरे महल अटरिया।
भजन करले प्राणी तेरी थोड़ी सी उमरिया,
भजन करले प्राणी तेरी थोड़ी सी उमरिया,
संग ना जाए तेरे महल अटरिया,
संग ना जाए तेरे महल अटरिया।
बालपन हंस खेल गंवायो,
मात पिता ने तो पे लाड लडायो,
बड़े भयो तेरी डारी रे भंवरिया,
संग ना जाए तेरे महल अटरिया,
संग ना जाए तेरे महल अटरिया।
तरुण भयो मगरूरी छाई,
भोग में फंस तैने मुर कमाई,
वृद्ध भयो तब झुकी रे कमरिया,
संग ना जाए तेरे महल अटरिया,
संग ना जाए तेरे महल अटरिया।
राम नाम मुख संचित धरले,
आगे पीछे की सुध कर ले,
अबहु सोच काहे भूला रे डगरिया,
संग ना जाए तेरे महल अटरिया,
संग ना जाए तेरे महल अटरिया।
भजन करले प्राणी तेरी थोड़ी सी उमरिया,
भजन करले प्राणी तेरी थोड़ी सी उमरिया,
संग ना जाए तेरे महल अटरिया,
संग ना जाए तेरे महल अटरिया।
बहुत ही सुंदर सत्संगी चेतावनी भजन🚩| "संग ना जाएँ तेरे महल अटरिया" | Udaybhan Singh Akola Bhajan 2025
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जीवन की ये राह कितनी नाजुक है ना, बस एक पल में सब बदल जाता है। बचपन तो हंसी-खेल में उड़ जाते हैं। बचपन में मां-बाप का लाड़-प्यार घेरे रहता है। फिर जवानी आती है घमंड चढ़ जाता है और सुख-भोग के पीछे भागते रहते हैं, मेहनत की कमाई उड़ा देते हैं। बुढ़ापे में कमर झुकने लगती है तब जाकर आंखें खुलती हैं। हमें सिखाते हैं कि ये सब तो बस क्षणिक हैं, महल-मकान जैसी चीजें साथ न चलेंगी। राम नाम को दिल में बसाओ, मुख पर रखो तभी राह साफ दिखेगी।
अभी से जागो भाई ये उम्र थोड़ी सी है व्यर्थ न गंवाओ। हर रोज भजन गाओ, नाम जपो, मन को शांत रखो। याद रखो, वो बालक जो खेल-कूद में खोया था, वो जवान जो भोगों में डूबा, वो बूढ़ा जो पछताता है, सब एक ही कहानी कहते हैं। आगे-पीछे की चिंता छोड़ो, बस परमात्मा की भक्ति में लीन हो जाओ। इससे जीवन सुगंधित हो उठता है और मन को सच्चा आनंद मिलता है। आखिर में यही नाम साथ चलेगा। यही तो अमर साथी है जो हर कदम पर दिल को शांति दे देता है । जय श्री राम।
अभी से जागो भाई ये उम्र थोड़ी सी है व्यर्थ न गंवाओ। हर रोज भजन गाओ, नाम जपो, मन को शांत रखो। याद रखो, वो बालक जो खेल-कूद में खोया था, वो जवान जो भोगों में डूबा, वो बूढ़ा जो पछताता है, सब एक ही कहानी कहते हैं। आगे-पीछे की चिंता छोड़ो, बस परमात्मा की भक्ति में लीन हो जाओ। इससे जीवन सुगंधित हो उठता है और मन को सच्चा आनंद मिलता है। आखिर में यही नाम साथ चलेगा। यही तो अमर साथी है जो हर कदम पर दिल को शांति दे देता है । जय श्री राम।
Bhajan - Sang Na Jaye Tere Mahal Atariya
Singer - Udaybhan Singh Akola
Recording - N.K. Studio Bhushawar
Music - Sunil Halena
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