जय बोलो बजरंगबली की हर देवों भजन

जय बोलो बजरंगबली की हर देवों की शक्ति मिलती है भजन

 
जय बोलो बजरंगबली की हर देवों भजन

शिव से शक्ति कृष्ण से भक्ति,
राम से मुक्ति मिलती है,
जय बोलो बजरंगबली की,
हर देवों की शक्ति मिलती है।

अष्ट सिद्धि नव निधि के दाता,
असवर दीन जानकी माता,
राम रसायन तूम्हरे पासा,
सदा रहो रघुपति के दासा,
सारे भक्तों के दुख हर्ता,
सारे भक्तों के दुख हर्ता,
सबको शक्ति मिलती है,
जय बोलो बजरंगबली की,
हर देवों की शक्ति मिलती है।

नासे रोग हरे सब पीरा,
जपत निरंतर हनुमत वीरा,
संकट तै हनुमान छुड़ावें,
मन क्रम वचन ध्यान जो लाये,
ऐसे सुख के हैं ये दाता,
पल में शक्ति मिलती है,
जय बोलो बजरंगबली की,
हर देवों की शक्ति मिलती है।

काज किये बड़े देवन के तुम,
वीर महाप्रभु देख विचारो,
कौन सो संकट मोर गरीब के,
जो तुमसो नहीं जात है टारो,
सारे संकट हरने वाले,
पल में खुशियां मिलती है,
जय बोलो बजरंगबली की,
हर देवों की शक्ति मिलती है।
 
 

Jai Bolo Bajarangbali Ki Har Devon Se Shakti Milti Hai-Jai Bolo Bajrangbali | Hari Onkaar | Hanuman Bhajan | Mangalwar Bhajan| 2025

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हनुमानजी के आशीर्वाद से शिव की शक्ति, श्रीकृष्णजी की भक्ति और श्रीरामजी से मुक्ति का रास्ता खुलता है। यह ऐसा है जैसे कोई विद्यार्थी अपने गुरु से हर तरह का ज्ञान पाने की आस रखता है। हनुमानजी को अष्ट सिद्धियों और नौ निधियों का दाता बताया गया है, जो भक्तों को हर तरह की समृद्धि और शक्ति देते हैं। यह भाव है कि वे माता सीता के संरक्षक और श्रीराम के सबसे प्रिय सेवक हैं, जो हमेशा भक्तों के दुख दूर करते हैं।

हनुमानजी की भक्ति में रोग, पीड़ा और संकटों का नाश होने का विश्वास है। जैसे कोई बीमार व्यक्ति दवा के भरोसे ठीक होने की उम्मीद रखता है, वैसे ही भक्त हनुमानजी के नाम का जाप करता है, यह मानते हुए कि उनकी कृपा से हर दुख दूर हो जाएगा। यह भजन उस विश्वास को दर्शाता है कि हनुमानजी मन, कर्म और वचन से उनकी याद करने वाले को हर संकट से उबार लेते हैं।
 
जब जीवन में संकट घेर लें, तो बजरंगबली का नाम का नाम सुमिरन ही शक्ति देता है। शिव की शक्ति, कृष्ण की भक्ति और राम की मुक्ति—सब इनके चरणों में समा जाती है। असवर पर सवार होकर जानकी माता को ढूंढ लाए, अष्ट सिद्धि-नव निधि बांट दीं, राम रसायन का खजाना रखा पास। दुखों का नाश कर देते हैं, रोग-पीराएं भगा देते हैं, बस निरंतर जप लो तो मन-क्र म वचन सब समर्पित हो जाते हैं। गरीब के संकट कौन निभा पाए, जब वो वीर महाप्रभु देवों के बड़े काम कर चुके हैं।

सारे भक्तों को दुख हरकर खुशियां बरसाते हैं, पल में शक्ति जगा देते हैं। संकट मोचन बनकर छुड़ाते हैं हर बंधन से, राम के दास रहकर रघुपति की सेवा निभाते हैं। श्री हनुमान जी की भक्ति ही हर प्रकार के बंधनों से भक्त को मुक्त करता है। 
 
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