प्रेम के पंख हजार लगाकर तेरे चरणों में आबैठी भजन

प्रेम के पंख हजार लगाकर तेरे चरणों में आ बैठी भजन

 
प्रेम के पंख हजार लगाकर तेरे चरणों में आ बैठी भजन

प्रेम के पंख हजार लगाकर,
तेरे चरणों में आ बैठी,
छोड़ के झूठी दुनिया सारी,
मैं तो कृष्णा की हो बैठी।

लोग कहें मैं बावरी हो गई,
जग की रीत भुला बैठी,
अब न कोई आस अधूरी,
ना कोई मन में प्यास बची,
पा के मेरे गिरधर गोपाल,
मैं खुद को भी भुला बैठी।

तेरी करुणा की शीतल छाया ने,
मेरा जीवन मधुबन किया,
ना कोई बंधन ना कोई सीमा,
अब तो बस तेरा साथ रहे,
तेरे नाम की ओढ़ के चादर,
तुझसे प्रीत लगा बैठी।

जहां प्रेम है वहीं कृष्ण है,
माया में फिर क्यों खोना,
मन को बना के पावन यमुना,
तुझसे ही हर पल है मिलना,
तेरी ही धुन में खोकर कान्हा,
मैं तेरी ही हो बैठी।

 

Prem Ke Pankh Hazaarr - Krishna Bhajan | प्रेम के पंख हज़ार | New Krishna Bhajan 2026

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Lyrics: Aruna Sharma
Music Composition: Maanav
Singers: Krishna Within Team
Video Editing: Aruna Sharma
 
प्रेम की उड़ान भरते ही जीवन का हर बोझ हल्का पड़ जाता है। जब हम अपने मन को उस अनंत प्रेम की ओर मोड़ते हैं तो दुनिया की चकाचौंध खुद ही पीछे छूट जाती है। श्री कृष्ण की कृपा से वो पल आता है जब सारा झूठा लगाव टूट जाता हैं और बस एक ही आस बाकी रहती है जो है उनके चरणों की शरण। ये प्रेम इतना गहरा होता है कि आस-पास के लोग हमें पागल समझें, पर दिल को जो सुकून मिलता है, वो किसी और चीज से नहीं आता है। संतों कहते थे कि सच्चा प्रेम पाने पर मन की हर प्यास मिट जाती है और खुद को भूलकर भी परमात्मा में लीन हो जाते हैं।

उनकी करुणा की छांव में जीवन मधुर हो उठता है, जैसे मधुबन में फूल खिल उठें हो। अब ना बंधन की फिक्र है और ना सीमाओं का डर है। बस उनका नाम लेकर चलना ही सब कुछ है। जहां प्रेम बसता है वहां कान्हा खुद आ जाते हैं माया का जाल टूट जाता है। मन को पावन बना लो तो हर पल यमुना जैसा प्रवाह बहने लगता है और उनकी धुन में खोकर जीवन सार्थक हो जाता है। आइए इस प्रेम को अपनाएं ताकि हर सांस में कृष्ण का साथ महसूस हो। दिल कहता है यही तो असली जीना है। उनके प्रेम में डूबकर ही दुनिया के भवसागर से पार हो पाते हैं। जय श्री श्याम। 


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