सबने छोड़ दिया साथ मेरा क्या तुम भी मुंह मोड़ोगे भजन
सबने छोड़ दिया साथ मेरा क्या तुम भी मुंह मोड़ोगे भजन
सबने छोड़ दिया साथ मेरा,
क्या तुम भी मुंह मोड़ोगे,
बीच मझधार में कृष्णा,
क्या तुम भी हाथ छोड़ोगे,
क्या तुम भी हाथ छोड़ोगे।
झूठे थे वो रिश्ते सारे,
जिसे संसार कहा मैंने,
आंसुओं के वो घूंट कड़वे,
हंस हंस के पीये मैंने,
अब टूट गई है हिम्मत,
और सांसें भी है बोझिल,
अब टूट गई है हिम्मत,
और सांसें भी है बोझिल,
इस निर्बल की डोरी को,
क्या तुम भी नहीं जोड़ोगे,
क्या तुम भी नहीं जोड़ोगे।
सबने छोड़ दिया साथ मेरा,
क्या तुम भी मुंह मोड़ोगे,
बीच मझधार में कृष्णा,
क्या तुम भी हाथ छोड़ोगे,
क्या तुम भी हाथ छोड़ोगे।
पतवार नहीं है हाथों में,
तूफानों का घेरा है,
अंधियारी इस दुनिया में,
बस सहारा एक तेरा है,
सुना है तुमने द्रौपदी की,
एक आह पे सुध ली थी,
सुना है तुमने द्रौपदी की,
एक आह पे सुध ली थी,
मैं भी कबसे पुकारता हूं,
क्या अब खामोशी तोड़ोगे,
क्या अब खामोशी तोड़ोगे।
सबने छोड़ दिया साथ मेरा,
क्या तुम भी मुंह मोड़ोगे,
बीच मझधार में कृष्णा,
क्या तुम भी हाथ छोड़ोगे,
क्या तुम भी हाथ छोड़ोगे।
जग है कुरुक्षेत्र मेरा,
मैं हारा हुआ अर्जुन हूं,
गांडीव छूट चुका है,
मैं दीन और निर्गुण हूं,
तुमने ही तो पार्थ की,
वो डोर थामी थी,
तुमने ही तो पार्थ की,
वो डोर थामी थी,
इस जीवन रथ के तुम,
क्या सारथी न बनोगे,
क्या सारथी न बनोगे।
सबने छोड़ दिया साथ मेरा,
क्या तुम भी मुंह मोड़ोगे,
बीच मझधार में कृष्णा,
क्या तुम भी हाथ छोड़ोगे,
क्या तुम भी हाथ छोड़ोगे।
क्या तुम भी मुंह मोड़ोगे,
बीच मझधार में कृष्णा,
क्या तुम भी हाथ छोड़ोगे,
क्या तुम भी हाथ छोड़ोगे।
झूठे थे वो रिश्ते सारे,
जिसे संसार कहा मैंने,
आंसुओं के वो घूंट कड़वे,
हंस हंस के पीये मैंने,
अब टूट गई है हिम्मत,
और सांसें भी है बोझिल,
अब टूट गई है हिम्मत,
और सांसें भी है बोझिल,
इस निर्बल की डोरी को,
क्या तुम भी नहीं जोड़ोगे,
क्या तुम भी नहीं जोड़ोगे।
सबने छोड़ दिया साथ मेरा,
क्या तुम भी मुंह मोड़ोगे,
बीच मझधार में कृष्णा,
क्या तुम भी हाथ छोड़ोगे,
क्या तुम भी हाथ छोड़ोगे।
पतवार नहीं है हाथों में,
तूफानों का घेरा है,
अंधियारी इस दुनिया में,
बस सहारा एक तेरा है,
सुना है तुमने द्रौपदी की,
एक आह पे सुध ली थी,
सुना है तुमने द्रौपदी की,
एक आह पे सुध ली थी,
मैं भी कबसे पुकारता हूं,
क्या अब खामोशी तोड़ोगे,
क्या अब खामोशी तोड़ोगे।
सबने छोड़ दिया साथ मेरा,
क्या तुम भी मुंह मोड़ोगे,
बीच मझधार में कृष्णा,
क्या तुम भी हाथ छोड़ोगे,
क्या तुम भी हाथ छोड़ोगे।
जग है कुरुक्षेत्र मेरा,
मैं हारा हुआ अर्जुन हूं,
गांडीव छूट चुका है,
मैं दीन और निर्गुण हूं,
तुमने ही तो पार्थ की,
वो डोर थामी थी,
तुमने ही तो पार्थ की,
वो डोर थामी थी,
इस जीवन रथ के तुम,
क्या सारथी न बनोगे,
क्या सारथी न बनोगे।
सबने छोड़ दिया साथ मेरा,
क्या तुम भी मुंह मोड़ोगे,
बीच मझधार में कृष्णा,
क्या तुम भी हाथ छोड़ोगे,
क्या तुम भी हाथ छोड़ोगे।
Sabne Chhod Diya Saath Mera | Heart Touching Krishna Bhajan | New Bhajan 2026
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जब जीवन की राह में सब रिश्ते झूठे साबित हो जाते हैं, तो मन एक ऐसी शक्ति की तलाश करता है जो हमेशा हमारे साथ रहे। कृष्णा जैसा साथी जो मझधार में डगमगाते कदम पकड़ लेता है वही सच्चा सहारा बनता है। संसार के तूफान घेर लें आंसुओं के घूंट कड़वे लगें, तब भी वो टूटी डोर जोड़ देता है। द्रौपदी की एक आह पर दौड़े आए थे वैसे ही पुकार सुनकर हमें सहारा देते हैं। हमें सिखाते हैं कि निर्बल के पास भी ताकत है बस विश्वास होना चाहिए।
ये कुरुक्षेत्र जैसा जग है, जहां हार का एहसास गहरा जाता है गांडीव हाथ से छूट जाए तो भी सारथी मिल जाता है जो रथ संभाल ले। अर्जुन की तरह दीन होकर पुकारो तो वो पार्थ की डोर थाम लेता है। हाथों में पतवार ना सही अंधेरे में एक किरण बनकर रोशनी कर देते हैं। बीच राह में भी हमारा हाथ थामे रहते हैं। दिल को ये बात छू जाती है कि सच्चा प्रेम तो संकट में ही खिलता है और वो प्रेम हमें फिर से जीना सिखा देता है। जय श्री कृष्णा।
Music Composition: Maanav
Singers: Krishna Within Team
Video Editing: Aruna Sharma
Singers: Krishna Within Team
Video Editing: Aruna Sharma
