कहां हो मेरे बाबा कहां हो मेरे श्याम भजन
कहां हो मेरे बाबा कहां हो मेरे श्याम भजन
कहां हो मेरे बाबा कहां हो मेरे श्याम भजन
कहां हो मेरे बाबा कहां हो मेरे श्याम,
आंखें ढूंढें तुझको लेके दर्द तमाम।
कहां हो मेरे बाबा कहां हो मेरे श्याम,
बिन तेरे सूना जीवन बिन तेरे हर काम।
थक गया हूं चलते चलते टूट गए हैं पांव,
हर दरवाजा बंद मिला छूट गया हर चाव,
जिस पर था भरोसा मेरा वही साथ छोड़ गया,
तेरे सिवा बाबा अब कौन मुझे थाम गया।
कहां हो मेरे बाबा कहां हो मेरे श्याम,
बिन तेरे सूना जीवन बिन तेरे हर काम।
सुना है तू हारे का है सबसे सच्चा यार,
फिर क्यों मेरी सुनता नहीं मेरी टूटी पुकार,
रातें रो रो कटती हैं दिन भी बोझ बने,
एक झलक बस मिल जाए सारे दुख मिटें।
कहाँ हो मेरे बाबा कहां हो मेरे श्याम,
बिन तेरे सूना जीवन बिन तेरे हर काम।
खाटू धाम बुला ले मुझको देदे चरणों की धूल,
तेरे दर पे गिर जाए मिट जाए हर भूल,
निशान उठाकर बाबा नाम तेरा गाऊं,
दुनिया क्या कहती है अब मैं न बताऊं।
कहां हो मेरे बाबा कहां हो मेरे श्याम,
बिन तेरे सूना जीवन बिन तेरे हर काम।
शाम सवेरे नाम तेरा होंठों से ना जाए,
मन की हर एक पीड़ा तुझसे ही बतलाए,
बच्चा समझ के बाबा माफ मेरी कर दे,
टूटी हुई इस नैया को पार तू कर दे।
कहां हो मेरे बाबा कहां हो मेरे श्याम,
बिन तेरे सूना जीवन बिन तेरे हर काम।
हारे का सहारा श्याम,
बाबा श्याम बाबा श्याम,
सांस सांस में नाम तेरा,
बाबा श्याम बाबा श्याम।
जब जब गिरा हूं राहों में हाथ तेरा ढूंढा,
चुपचाप बैठा हूं बाबा हर सपना है टूटा,
आज पुकार रहा हूं खुलकर सुन ले मेरी बात,
अब तो आजा मेरे श्याम कट जाए अंधेरी रात।
कहां हो मेरे बाबा कहां हो मेरे श्याम,
बिन तेरे सूना जीवन बिन तेरे हर काम।
कहां हो मेरे बाबा कहां हो मेरे श्याम,
तू ही मेरा अपना है तू ही मेरा धाम।
जय श्री श्याम जय श्री श्याम,
आ जा मेरे बाबा आ जा मेरे श्याम,
जय श्री श्याम जय श्री श्याम।
कहां हो मेरे बाबा कहां हो मेरे श्याम,
आंखें ढूंढें तुझको लेके दर्द तमाम।
कहां हो मेरे बाबा कहां हो मेरे श्याम,
बिन तेरे सूना जीवन बिन तेरे हर काम।
थक गया हूं चलते चलते टूट गए हैं पांव,
हर दरवाजा बंद मिला छूट गया हर चाव,
जिस पर था भरोसा मेरा वही साथ छोड़ गया,
तेरे सिवा बाबा अब कौन मुझे थाम गया।
कहां हो मेरे बाबा कहां हो मेरे श्याम,
बिन तेरे सूना जीवन बिन तेरे हर काम।
सुना है तू हारे का है सबसे सच्चा यार,
फिर क्यों मेरी सुनता नहीं मेरी टूटी पुकार,
रातें रो रो कटती हैं दिन भी बोझ बने,
एक झलक बस मिल जाए सारे दुख मिटें।
कहाँ हो मेरे बाबा कहां हो मेरे श्याम,
बिन तेरे सूना जीवन बिन तेरे हर काम।
खाटू धाम बुला ले मुझको देदे चरणों की धूल,
तेरे दर पे गिर जाए मिट जाए हर भूल,
निशान उठाकर बाबा नाम तेरा गाऊं,
दुनिया क्या कहती है अब मैं न बताऊं।
कहां हो मेरे बाबा कहां हो मेरे श्याम,
बिन तेरे सूना जीवन बिन तेरे हर काम।
शाम सवेरे नाम तेरा होंठों से ना जाए,
मन की हर एक पीड़ा तुझसे ही बतलाए,
बच्चा समझ के बाबा माफ मेरी कर दे,
टूटी हुई इस नैया को पार तू कर दे।
कहां हो मेरे बाबा कहां हो मेरे श्याम,
बिन तेरे सूना जीवन बिन तेरे हर काम।
हारे का सहारा श्याम,
बाबा श्याम बाबा श्याम,
सांस सांस में नाम तेरा,
बाबा श्याम बाबा श्याम।
जब जब गिरा हूं राहों में हाथ तेरा ढूंढा,
चुपचाप बैठा हूं बाबा हर सपना है टूटा,
आज पुकार रहा हूं खुलकर सुन ले मेरी बात,
अब तो आजा मेरे श्याम कट जाए अंधेरी रात।
कहां हो मेरे बाबा कहां हो मेरे श्याम,
बिन तेरे सूना जीवन बिन तेरे हर काम।
कहां हो मेरे बाबा कहां हो मेरे श्याम,
तू ही मेरा अपना है तू ही मेरा धाम।
जय श्री श्याम जय श्री श्याम,
आ जा मेरे बाबा आ जा मेरे श्याम,
जय श्री श्याम जय श्री श्याम।
कहाँ हो मेरे बाबा | Shree Khatu Shyam Ji Viraha Bhajan | हारे का सहारा श्याम | Emotional Bhajan
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जब हर रास्ता सूना लगे, अपने भी साथ छोड़ दें और मन केवल एक ही नाम पुकारे — श्याम बाबा — तब यही भजन दिल की आवाज़ बन जाता है।
जब जीवन की राहें कठिन हो जाती हैं तो मन उस सहारे की तलाश में भटकने लगता है जो कभी हमारा साथ ना छोड़े। हमारे बाबा श्याम खाटू धाम में विराजमान हैं हर हारे हुए को अपना लेते हैं। जब हर दरवाजा बंद दिखे तब उनकी याद में आंखें नम हो जाती हैं। उनकी एक झलक पाते ही सारे दुख मिट जाते हैं। शाम-सवेरे उनका नाम जपते रहो और बच्चे की तरह पुकारो तो वे चुपके से नैया पार लगाते हैं। खाटू के चरणों की धूल मिटा देती है हर भूल, और नाम का निशान उठाकर चल पड़ते हैं हम बेफिक्र। श्याम हमेशा सबका साथ निभाते हैं।
दुनिया का भरोसा टूट चुका हो तो श्याम का साथ ढूंढ लो। वो हारे का सबसे सच्चे यार है। बिन उनके जीवन सूना लगता है हर काम बोझ सा हो जाता है। लेकिन जब पुकार मन से निकलती है तो अंधेरी रात कट जाती हैं और सपने फिर खिल जाते हैं। जय श्री श्याम का जाप सांस-सांस में बसता है, तो मन को शांति मिलती है। आखिर वे तो अपना ही धाम हैं। दिल से पुकारने पर तुरंत ही उनकी करुणा मिल जाती है। जय श्री श्याम हारे के सहारे बाबा श्याम हमारे।
