जो श्याम को ध्याता है वो मौज उड़ाता है भजन
जो श्याम को ध्याता है वो मौज उड़ाता है भजन रजनी राजस्थानी
तर्ज : क्या खूब लगती हो बड़ी सुन्दर दिखती हो...
जो श्याम को ध्याता है,
वो मौज उड़ाता है,
जो श्याम को ध्याता है,
वो मौज उड़ाता है,
जी भर के श्याम भजो,
वो व्यर्थ ना जायेगा,
ना जाने किस घड़ी तुम्हारे,
काम ये आएगा,
जो श्याम को ध्याता है,
वो मौज उड़ाता है।
श्री श्याम से जोड़ो नाता,
हाँ, नाता,
समझो इसको अपना,
भाग्य विधाता,
समझो इसको अपना,
भाग्य विधाता,
ये जिसको भी अपनाता,
अपनाता,
उसकी खातिर,
क्या से क्या कर जाता,
उसकी खातिर,
क्या से क्या कर जाता,
संकट की घड़ियों में दौड़ा आता,
भरी सभा में आकर के,
ये लाज बचाता है,
जो श्याम को ध्याता है,
वो मौज उड़ाता है।
जो श्याम का चिंतन करता,
हां करता,
उसकी चिंता श्याम धणी को रहती,
हाँ रहती,
वो खुद को रोक ना पाता,
हां रोक ना पाता,
जब अखियों से प्रेम की,
धारा बहती,
जब अखियों से प्रेम की,
धारा बहती,
प्रेमी की व्याकुलता,
देख ना पाता है,
प्रेमी के हर असुवन का,
वो मोल चुकाता है,
जो श्याम को ध्याता है,
वो मौज उड़ाता है।
यदि प्रीत तुम्हारी सच्ची,
हां सच्ची,
और मान लिया श्याम को,
सब कुछ अपना,
रे मन तू क्यों घबराये,
हां घबराए,
पूरा होगा जीवन का,
हर सपना,
बीनू जो श्याम भजे,
सब कुछ पाता है,
उसका तो ये मानव् जीवन,
धन्य हो जाता है।
जो श्याम को ध्याता है,
वो मौज उड़ाता है।
जो श्याम को ध्याता है,
वो मौज उड़ाता है,
जो श्याम को ध्याता है,
वो मौज उड़ाता है,
जी भर के श्याम भजो,
वो व्यर्थ ना जायेगा,
ना जाने किस घड़ी तुम्हारे,
काम ये आएगा,
जो श्याम को ध्याता है,
वो मौज उड़ाता है।
वो मौज उड़ाता है,
जो श्याम को ध्याता है,
वो मौज उड़ाता है,
जी भर के श्याम भजो,
वो व्यर्थ ना जायेगा,
ना जाने किस घड़ी तुम्हारे,
काम ये आएगा,
जो श्याम को ध्याता है,
वो मौज उड़ाता है।
श्री श्याम से जोड़ो नाता,
हाँ, नाता,
समझो इसको अपना,
भाग्य विधाता,
समझो इसको अपना,
भाग्य विधाता,
ये जिसको भी अपनाता,
अपनाता,
उसकी खातिर,
क्या से क्या कर जाता,
उसकी खातिर,
क्या से क्या कर जाता,
संकट की घड़ियों में दौड़ा आता,
भरी सभा में आकर के,
ये लाज बचाता है,
जो श्याम को ध्याता है,
वो मौज उड़ाता है।
जो श्याम का चिंतन करता,
हां करता,
उसकी चिंता श्याम धणी को रहती,
हाँ रहती,
वो खुद को रोक ना पाता,
हां रोक ना पाता,
जब अखियों से प्रेम की,
धारा बहती,
जब अखियों से प्रेम की,
धारा बहती,
प्रेमी की व्याकुलता,
देख ना पाता है,
प्रेमी के हर असुवन का,
वो मोल चुकाता है,
जो श्याम को ध्याता है,
वो मौज उड़ाता है।
यदि प्रीत तुम्हारी सच्ची,
हां सच्ची,
और मान लिया श्याम को,
सब कुछ अपना,
रे मन तू क्यों घबराये,
हां घबराए,
पूरा होगा जीवन का,
हर सपना,
बीनू जो श्याम भजे,
सब कुछ पाता है,
उसका तो ये मानव् जीवन,
धन्य हो जाता है।
जो श्याम को ध्याता है,
वो मौज उड़ाता है।
जो श्याम को ध्याता है,
वो मौज उड़ाता है,
जो श्याम को ध्याता है,
वो मौज उड़ाता है,
जी भर के श्याम भजो,
वो व्यर्थ ना जायेगा,
ना जाने किस घड़ी तुम्हारे,
काम ये आएगा,
जो श्याम को ध्याता है,
वो मौज उड़ाता है।
Jo Shyam Ko Dhyata Hai - Rajni Rajasthani | Latest Khatu Shyam Ji Bhajan | जो श्याम को ध्याता है
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Title: Jo Shyam Ko Dhyata Hai
Singer: Rajni Rajasthani
Lyrics: Binnu Ji
Music: Lovely Sharma
Mix & Master :- Kanhaiya Srivastava
Director: Mayank Mishra
Video : Sumit Mittal
Singer: Rajni Rajasthani
Lyrics: Binnu Ji
Music: Lovely Sharma
Mix & Master :- Kanhaiya Srivastava
Director: Mayank Mishra
Video : Sumit Mittal
श्याम का स्मरण करते ही जीवन में एक ऐसी लहर दौड़ जाती है जो हर उदासी को दूर भगा देती है। जैसे कोई बच्चा अपनी मां की गोद में झूलते हुए हंसता फिरता है, वैसे ही निरंतर ध्यान से मन को वो अनोखी खुशी मिलती है जो संकटों में भी मुस्कान ला देती है। कहते हैं ना, "जब घड़ी कठिन हो जाए, तब यही नाम काम आता है।" भाग्य बनाने वाले का नाता जोड़ लो, तो वो सभा में भी लाज बचाने दौड़ आते हैं। ये विश्वास ही तो है जो हर पल को रंगीन बना देता है, चाहे कितना भी तूफान क्यों न आए।
प्रेम की धारा बहने लगे तो श्याम खुद को रोक ही नहीं पाते, प्रेमी की हर सिसकी का ध्यान रखते हैं। सच्चे मन से अपनाओ तो सपनों का हर रंग खिल उठता है, जीवन धन्य हो जाता है। हमें दिखाते हैं कि घबराहट को छोड़कर बस समर्पण कर दो, बाकी वो संभाल लेंगे। जैसे कोई दोस्त मुश्किल में कंधा दे दे, वैसे ही हर कदम पर साथ निभाते हैं। आखिर ये प्रेम का बंधन ही तो है जो दिल को इतना सुकून देता है, बस यहीं ठहर जाना चाहता है मन, हर सांस में उसी का नाम गूंजे।
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